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अंचल निरीक्षकों के अंचलाधिकारी बनने के मामले में फैसला सुरक्षित

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 19 Oct, 2020
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रांची। झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में अंचल निरीक्षक से अंचलाधिकारी के पद पर हुई पदोन्नति के मामले में सुनवाई हुई। सभी पक्षों की सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। इस मामले में अदालत ने 16 सितंबर को ही प्रोन्नति के लिए होने वाली विभागीय प्रोन्नति बैठक रोक लगाई थी। साथ ही जिन लोगों को प्रोन्नति दी गई है। उन्हें प्रतिवादी बनाते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसको लेकर श्रवण कुमार झा एवं अन्य की याचिका दाखिल की थी।

सुनवाई के दौरान प्रार्थी के अधिवक्ता सौरभ शेखर ने अदालत को बताया कि राज्य में राजस्व कर्मचारी प्रोन्नति नियमावली 2018 लागू की गई है। इसमें अंचल निरीक्षक के पद पर आठ साल तक सेवा देने वालों को अंचलाधिकारी के पद पर प्रोन्नति दिए जाने का प्रावधान है। सरकार ने इसी नियमावली के तहत राज्य में 40 अंचल निरीक्षकों को अंचलाधिकारी के पद पर प्रोन्नति दी है। अदालत को बताया गया कि प्रोन्नति देने में गड़बड़ी हुई है।

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आठ साल सेवा पूरी करने वाले कई कनीय अंचल निरीक्षकों को प्रोन्नति दी गई है, जबकि वरीय पदाधिकारी प्रोन्नति के लाभ से वंचित हो गए हैं। इसके अलावा हाल में ही विभाग की ओर से अंचल निरीक्षकों को प्रोन्नति देने क प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत डीपीसी की बैठक की जा रही है। प्रतिवादियों की ओर से कहा गया कि सरकार को अधिकार है कि वह किसी की आहर्ता में छूट दे सकती है। इसी छूट के चलते उनको प्रोन्नति मिली है। इसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। 

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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