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झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, जानें क्या है पूरी घटना

Devesh Ananad
By Devesh Ananad On 01 Feb, 2024
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Jharkhand CM Hemant Soren
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जमीन घोटाला मामले में ईडी ने बुधवार की देर रात झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। दोपहर एक बजे से पूछताछ के बाद ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया है। अब उन्हें गुरुवार को ईडी की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।

ईडी कोर्ट से रिमांड पर लेने के लिए आग्रह करेगी व अनुमति मिलने पर रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। जमीन घोटाला प्रकरण में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन 15वें आरोपित हैं, जिन्हें गिरफ्तार किया गया है। इनसे पहले 14 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

जमीन घोटाला प्रकरण में ईडी के दस समन को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के माध्यम से लगातार समन की अवहेलना, ईडी की पूछताछ में स्पष्ट जवाब का नहीं मिलने पर उनकी गिरफ्तारी की गई है।

मुख्यमंत्री के दिल्ली स्थित आवास में छापेमारी के दौरान बरामद 36 लाख रुपये व बीएमडब्ल्यू कार के स्रोत पर पूछे गए सवाल का भी मुख्यमंत्री ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद ही ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया।

मुख्यमंत्री को पूछताछ के बाद उनके आग्रह पर ईडी के अधिकारी उन्हें अपने साथ लेकर राजभवन पहुंचे। वहां उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपा और इसके बाद ईडी के अधिकारी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अपने साथ लेकर ईडी कार्यालय रवाना हो गए।

ईडी ने सीएम हेमंत सोरेन को लिखा था कड़ा पत्र

जमीन घोटला प्रकरण में ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से 20 जनवरी से पूछताछ की थी और उनसे कहा था कि अभी पूछताछ पूरी नहीं हुई है, एक दिन और पूछताछ की जाएगी। इसके बाद ईडी ने उन्हें 27 जनवरी से 31 जनवरी के बीच पूछताछ के लिए तिथि व जगह बताने को कहा था।

इसपर मुख्यमंत्री ने ईडी को भेजे जवाब कहा था कि वे फिलहाल व्यस्त हैं, जल्द ही वे पूछताछ के लिए तिथि व जगह बताएंगे। इसपर ईडी ने मुख्यमंत्री को कड़ा पत्र लिखा और कहा कि वे 29 या 31 को पूछताछ के लिए समय दें, नहीं तो ईडी अपने अनुसार पूछताछ का निर्णय लेगी।

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इसी बीच मुख्यमंत्री दिल्ली रवाना हो गए। जब 28 जनवरी तक ईडी को मुख्यमंत्री का कोई जवाब नहीं मिला और ईडी को सूचना मिली कि मुख्यमंत्री दिल्ली में हैं, तो इसी सूचना पर ईडी ने 29 जनवरी को मुख्यमंत्री दिल्ली स्थित आवास व झारखंड भवन में छापेमारी कर दी।

मुख्यमंत्री तो नहीं मिले, लेकिन उनके आवास से 36 लाख रुपये, बीएमडब्ल्यू कार व जमीन घोटाले से संबंधित दस्तावेज मिले। ईडी ने उसकी विधिवत जब्ती की। 29 जनवरी को दिल्ली में छापेमारी हो रही थी, मुख्यमंत्री वहां से गायब थे।

इसी बीच सीएमओ से ईडी के रांची स्थित कार्यालय को पत्र भिजवाया गया कि मुख्यमंत्री 31 जनवरी की दोपहर एक बजे पूछताछ के लिए मुख्यमंत्री आवास में मौजूद रहेंगे। सीएमओ के इसी पत्र के आधार पर ईडी की टीम 31 जनवरी की दोपहर एक बजे सीएम आवास पहुंची और पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार की।

अवैध खनन मामले में पूछताछ कर चुकी है ईडी

झारखंड में ईडी अलग-अलग कई मामलों में मनी लांड्रिंग के तहत जांच कर रही है। साहिबगंज में 1250 करोड़ के अवैध पत्थर खनन मामले में ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से 17 नवंबर 2022 को नौ घंटे की पूछताछ की थी।

इस पूछताछ के दौरान ईडी ने उनसे उनकी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा भी मांगा था। सीएम ने अपनी संपत्ति का ब्योरा भी सौंपा था। अब जमीन घोटाला केस में भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भूमिका की जांच चल रही है।

सेना के उपयोग वाली 4.55 एकड़ जमीन की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री मामले में मनी लांड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी ने छापेमारी के दौरान बड़गाईं अंचल के राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद के यहां भी छापा मारा था।

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तब भानु प्रताप प्रसाद के ठिकाने से भारी मात्रा में सरकारी दस्तावेज बरामद हुए थे। उस वक्त कुछ ऐसी जमीन से संबंधित दस्तावेज भी मिले थे, जिसमें फर्जीवाड़ा हुआ है। उक्त जमीन के संबंध में ही ईडी मुख्यमंत्री की भूमिका की जांच कर रही है।

जमीन घोटाले में कब-कब कौन-कौन हो चुके हैं गिरफ्तार

  • 14 अप्रैल 2023 : प्रदीप बागची, अफसर अली उर्फ अफ्सू खान, सद्दाम हुसैन, इम्तियाज अहमद, तल्हा खान, फैयाज खान व भानु प्रताप प्रसाद।
  • चार मई 2023 : रांची के पूर्व उपायुक्त निलंबित आइएएस छवि रंजन।
  • सात जून 2023 : दिलीप कुमार घोष व अमित कुमार अग्रवाल।
  • तीन जुलाई 2023 : भरत प्रसाद व राजेश राय।
  • 31 जुलाई 2023 : विष्णु अग्रवाल।
  • 11 अगस्त 2023 : प्रेम प्रकाश।
  • 31 जनवरी 2024 : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन।

रवि केजरीवाल ने खोला था सीएम का राज

ईडी ने अवैध खनन मामले में दाखिल चार्जशीट में यह उल्लेख किया था कि झारखंड मुक्ति मोर्चा से निष्कासित पूर्व कोषाध्यक्ष रवि केजरीवाल ने अपने बयान में मुख्यमंत्री राज खोला थआ।

रवि केजरीवाल ने बताया था कि एक दिन वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ उनके कार्यालय में बैठे थे, वहां हेमंत सोरेन ने पंकज मिश्रा को सीधे तौर पर निर्देशित किया था कि संताल के क्षेत्रों में पत्थर व बालू खनन से आने वाले रुपयों को वह प्रेम प्रकाश को दें।

इसके बाद यह तय हुआ कि उक्त राशि लेने के बाद प्रेम प्रकाश उसे व्यवसायी अमित अग्रवाल को देगा। पंकज मिश्रा मुख्यमंत्री के बरहेट विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रतिनिधि हैं, जिन्हें गत वर्ष ईडी ने अवैध खनन में गिरफ्तार किया था।

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अवैध खनन में प्रेम प्रकाश, पंकज मिश्रा जबकि जमीन घोटाले में अमित अग्रवाल की पूर्व में गिरफ्तारी हुई थी। ईडी की चार्जशीट के अनुसार प्रेम प्रकाश ने मुख्यमंत्री व अमित अग्रवाल के करीबी होने का लाभ उठाया था।

बरियातू थाने में दर्ज प्राथमिकी की ईडी कर रही जांच

रांची के बरियातू थाने में चार जून 2022 को कांड संख्या 141/2022 में रांची नगर निगम ने सेना के कब्जे वाली जमीन के फर्जी रैयत पर जालसाजी कर फर्जी दस्तावेज पर दो-दो होल्डिंग लेने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

उसी आधार पर ईडी ने 21 अक्टूबर 2022 को ईसीआइआर नंबर 18/2022 दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। इसी ईसीआइआर ईडी ने चेशायर होम रोड की एक एकड़ जमीन की फर्जी तरीके से खरीद-बिक्री मामले में सदर थाने में आठ सितंबर 2022 को कांड संख्या 399/2022 को भी जोड़ा था।

इन सभी कांडों की जांच में पता चला कि राज्य में भूमि माफिया का एक गिरोह सक्रिय है, जो कोलकाता व रांची में जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार करता है। जाली दस्तावेज के आधार पर यह गिरोह भूखंडों को अन्य व्यक्तियों को बेच देता है।

ईडी ने इस मामले में 41 ठिकानों पर छापेमारी और पांच जगहों पर सर्वे किया। छापेमारी में भूमि राजस्व विभाग की जाली मुहरें, जाली भूमि दस्तावेज, जालसाजों के बीच अपराध की कमाई के बंटवारे का प्रमाण, जालसाजी करने संबंधित तस्वीरें, सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने का प्रमाण उजागर किया।

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देवेश आनंद को पत्रकारिता जगत का 15 सालों का अनुभव है। इन्होंने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान में काम किया है। अब वह इस वेबसाइट से जुड़े हैं।

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