Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), जमशेदपुर को जीएसटी विवाद से संबंधित अपनी कर रिट याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GST Appellate Tribunal) में अपील दायर करने की छूट प्रदान की है। मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने यह आदेश पारित किया। सुनवाई के दौरान एलआईसी की ओर से अधिवक्ता रंजीत कुशवाहा ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता अब संबंधित आदेश को जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण में चुनौती देना चाहता है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि याचिका वापस लेने की अनुमति देने के साथ यह भी निर्देश दिया जाए कि न्यायाधिकरण अपील की सुनवाई समय-सीमा (लिमिटेशन) के आधार पर खारिज न करे, क्योंकि कंपनी ने पूरे समय सद्भावना के साथ हाईकोर्ट में मामला लंबित रखा था।
इस पर खंडपीठ ने एलआईसी को याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए कहा कि यदि याचिकाकर्ता 30 दिनों के भीतर सभी कानूनी औपचारिकताएं, जिनमें अनिवार्य प्री-डिपॉजिट भी शामिल है, पूरी कर जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण में अपील दायर करता है, तो न्यायाधिकरण केवल देरी के आधार पर अपील खारिज नहीं करेगा। अदालत ने निर्देश दिया कि ऐसी स्थिति में अपील की सुनवाई मामले के गुण-दोष के आधार पर की जाए। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि यह कर रिट याचिका एक मई 2025 से उसके समक्ष लंबित थी। इसी कारण न्यायहित में यह संरक्षण दिया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिका वापस लेने के साथ ही इस मामले में पूर्व में पारित अंतरिम आदेश स्वतः समाप्त हो जाएगा। साथ ही, किसी भी पक्ष पर वाद व्यय (कॉस्ट) नहीं लगाया गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने जीएसटी विवाद के मूल मुद्दों पर कोई टिप्पणी नहीं की और विवाद के गुण-दोष पर निर्णय देना जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण पर छोड़ दिया।

