Ranchi News: Supreme Court of India ने झारखंड के पूर्व मंत्री Enos Ekka को जमानत देते हुए सख्त शर्तें लगाई हैं। कोर्ट ने कहा है कि जेल से रिहाई तभी प्रभावी होगी जब वह ट्रायल कोर्ट में शपथपत्र देकर विवादित जमीनों को वापस करने में सहयोग का आश्वासन देंगे। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को यह लिखित देना होगा कि जिन भूखंडों की खरीद नियमों के खिलाफ की गई है, उन्हें उनके मूल स्वरूप या वैध स्थिति में लौटाने में वह पूरा सहयोग करेंगे।
🔹 सीबीआई जांच में खुलासा
मामले की जांच Central Bureau of Investigation (सीबीआई) ने की थी। जांच में सामने आया कि कई जमीनें एनोस एक्का की पत्नी, रिश्तेदारों और करीबियों के नाम पर खरीदी गई थीं। जांच एजेंसी के अनुसार इन खरीद-फरोख्त में सीएनटी एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया, जो आदिवासी जमीन के अवैध हस्तांतरण पर रोक लगाता है।
🔹 कहां-कहां की जमीन शामिल
जांच में जिन जमीनों का जिक्र है, उनमें शामिल हैं:
- हिनू में 22 कट्ठा
- ओरमांझी में 12 एकड़
- नेवरी में 4 एकड़
- चुटिया (सिरम टोली मौजा) में 9 डिसमिल
ये सभी जमीनें मार्च 2006 से मई 2008 के बीच खरीदी गई थीं।
🔹 57 करोड़ से अधिक की संपत्ति
जांच एजेंसियों के आकलन के मुताबिक इन संपत्तियों का मौजूदा बाजार मूल्य 57 करोड़ रुपये से अधिक है।
एनोस एक्का पहले से ही आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में जांच का सामना कर रहे हैं।
👉 निष्कर्ष:
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए साफ कर दिया है कि आरोपी को विवादित संपत्तियों को वैध स्थिति में लौटाने की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभानी होगी, तभी उन्हें राहत का लाभ मिलेगा।

