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High Court News: अमन साव एनकाउंटर मामले में सुनवाई टली, 17 मार्च को होगी अगली सुनवाई

CourtNews Desk
By CourtNews Desk On 10 Mar, 2026
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Ranchi News: गैंगस्टर अमन साव के कथित एनकाउंटर की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई टल गई। अदालत ने मामले को पूर्व की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 17 मार्च निर्धारित की है। मामले की सुनवाई पहले जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अरुण राय की खंडपीठ कर रही थी। मंगलवार को यह मामला जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ में सूचीबद्ध था। इस दौरान महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि इस मामले की सुनवाई पहले ही एक अन्य खंडपीठ द्वारा की जा चुकी है, इसलिए नई खंडपीठ के समक्ष फिर से दलीलें पेश करनी पड़ेंगी। उन्होंने आग्रह किया कि मामले की सुनवाई पूर्व की खंडपीठ के समक्ष ही की जाए। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता हेमंत कुमार सिकरवार ने सहमति जताते हुए कहा कि उन्हें अदालत से न्यायोचित निर्णय की उम्मीद है और किसी भी खंडपीठ पर उन्हें भरोसा है। इसके बाद अदालत ने मामले को पूर्व की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का आदेश देते हुए सुनवाई 17 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी।

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मां ने लगाया फर्जी एनकाउंटर का आरोप
अमन साव की मां किरण देवी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि 11 मार्च को पलामू में पुलिस ने उनके बेटे का फर्जी एनकाउंटर कर दिया। याचिका में कहा गया है कि अमन साव को रायपुर सेंट्रल जेल से रांची स्थित एनआईए कोर्ट में पेशी के लिए लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी गई।

याचिका में यह भी कहा गया है कि पिछले वर्ष अक्टूबर में अमन साव को 75 पुलिसकर्मियों की टीम के साथ चाईबासा जेल से रायपुर स्थानांतरित किया गया था, जबकि रायपुर से रांची लाने के दौरान केवल 12 सदस्यीय एटीएस टीम को तैनात किया गया था।

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किरण देवी ने यह भी आशंका जताई है कि पुलिस पहले से ही उनके बेटे की हत्या की साजिश कर रही थी और बाद में उसे एनकाउंटर का रूप दिया गया। याचिका में मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय, सीबीआई निदेशक, झारखंड के गृह सचिव, डीजीपी, एसएसपी रांची तथा एटीएस के अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है और पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है।

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