Ranchi: 9 अक्टूबर 2025 – झारखंड हाईकोर्ट में आज न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों के बच्चों के लिए क्रेच/डे-केयर सेंटर का शुभारंभ किया गया। यह पहल कार्यस्थल पर अधिक समावेशी और सहयोगी वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति तर्लोक सिंह चौहान उपस्थित थे। इस अवसर पर हाईकोर्ट के स्टिस सुजीत नारायण सिन्हा, जस्टिस अनिल कुमार चौधरी, जस्टिस राजेश शंकर, जस्टिस अनुभा रावत चौधरी, जस्टिस संजय प्रसाद, जस्टिस दीपक रोशन अन्य न्यायाधीश , रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री के सदस्य तथा अधिवक्ता गण भी मौजूद रहे।

मुख्य न्यायाधीश ने अपने संबोधन में कहा कि कार्यरत अभिभावकों, विशेषकर महिलाओं के लिए संस्थागत सहयोग अत्यंत आवश्यक है। ऐसे प्रयास न केवल कार्यस्थल पर लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देते हैं बल्कि न्यायिक तंत्र में वर्क-लाइफ बैलेंस स्थापित करने में भी मददगार सिद्ध होते हैं। क्रेच/डे-केयर सेंटर का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित, पोषक और प्रेरक वातावरण प्रदान करना है ताकि माता-पिता अपने कार्य दायित्वों का निर्वहन निश्चिंत होकर कर सकें। यह पहल न्यायपालिका में कल्याणकारी और समावेशी कार्य संस्कृति को सशक्त करने की दिशा में झारखंड हाईकोर्ट की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उद्घाटन के बाद उपस्थित अतिथियों ने सेंटर का निरीक्षण किया और वहां कार्यरत कर्मियों से संवाद भी किया।

