Ranchi: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने सभी राज्य बार काउंसिलों के चुनाव 31 जनवरी 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के 24 सितंबर 2025 के आदेश के अनुपालन में उठाया गया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने सभी राज्य बार काउंसिलों के अध्यक्षों और सचिवों को इस संबंध में एक आधिकारिक पत्र जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया को सुचारु और शीघ्रता से संपन्न कराने के लिए विशेष चुनाव समितियों का गठन किया जाएगा। इसी के तहत झारखंड स्टेट बार काउंसिल का चुनाव भी सम्पन्न होगा। पिछले दो साल से स्टेट बार काउंसिल का चुनाव नहीं हो सका है।
चुनाव समिति का गठन:
· प्रत्येक राज्य के लिए गठित की जाने वाली चुनाव समिति में सात सदस्य होंगे।
· इनमें से दो सदस्य ऐसे वरिष्ठ अधिवक्ता होंगे जो संबंधित राज्य बार काउंसिल के सदस्य नहीं हैं।
· बार काउंसिल ऑफ इंडिया इन समितियों का गठन करेगी।
· समिति का कार्य मतदाता सूची तैयार करने से लेकर रिटर्निंग ऑफिसर की नियुक्ति सहित चुनाव की संपूर्ण प्रक्रिया को पूरा करना होगा।
· बार काउंसिल ऑफ इंडिया अपने नियमों के तहत एक पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) भी नियुक्त करेगी, जो हाई कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश होंगे।
अन्य प्रमुख बिंदु:
· चुनाव समिति से यह भी आग्रह किया जाएगा कि वह बार काउंसिल ऑफ इंडिया सर्टिफिकेट एंड प्लेस ऑफ प्रैक्टिस (वेरिफिकेशन) रूल्स, 2015 के तहत अधिवक्ताओं के सत्यापन/घोषणा की वर्तमान स्थिति का आकलन करे। पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि चुनाव समितियों में शामिल नहीं किए गए राज्य बार काउंसिल के सदस्य, अधिवक्ता अधिनियम और नियमों के तहत अपनी वैधानिक ड्यूटी का निर्वहन करते रहेंगे। पत्र के अनुसार, सभी राज्य बार काउंसिलों के लिए चुनाव अधिकरण (इलेक्शन ट्रिब्यूनल) पहले ही गठित किए जा चुके हैं, जिनकी अध्यक्षता हाई कोर्ट के एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश कर रहे हैं।
चुनाव लड़ने के लिए नामांकन शुल्क:
· राज्य बार काउंसिल की सदस्यता के लिए चुनाव लड़ने हेतु नामांकन शुल्क 1,25,000 रुपये (एक लाख पच्चीस हज़ार रुपये) निर्धारित किया गया है।
· यह राशि अवापर्णीय (नॉन-रिफंडेबल) होगी। बीसीआई ने इस निर्णय का कारण यह बताया है कि नामांकन शुल्क कम होने के कारण सभी राज्य बार काउंसिलों को धन की कमी का सामना करना पड़ रहा है और वे चुनाव का खर्च वहन करने में असमर्थ हैं। पहले नामांकन के समय राज्य बार काउंसिलों को लगभग 16,000 रुपये मिलते थे, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद घटकर मात्र 600 रुपये रह गया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कहा है कि चुनाव समितियों के गठन की सूचना आज से तीन दिनों के भीतर सभी राज्य बार काउंसिलों को दे दी जाएगी।

