Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका पर सख्त रुख अपनाते हुए डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म (डीसीएलआर), रांची पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अदालत ने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कोर्ट के आदेश को लागू करने में एक साल से अधिक की देरी गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। बता दें कि वर्ष 1963 में देवकली देवी ने रांची के लालगुटुआ मौजा में 43 डिसमिल जमीन खरीदी थी। उक्त जमीन का विधिवत म्यूटेशन कराया गया था और वर्षों से उसकी रसीद भी कटती आ रही थी। बावजूद इसके वर्ष 2000 में पुराने जमीन मालिक के कुछ रिश्तेदारों ने कथित रूप से चालाकी से उसी जमीन को अजीत कुमार बरियार के नाम बेच दिया। इसके बाद जमीन को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। इस प्रकरण में झारखंड हाई कोर्ट ने 11 जनवरी 2024 को रिट याचिका संख्या 2493/2007 में आदेश पारित करते हुए अजीत कुमार बरियार एवं अन्य के नाम पर खोली गई दोहरी जमाबंदी को अवैध और अमान्य घोषित कर दिया था। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं किया गया। देवकली देवी के पुत्र अनिल कुमार सिंह की ओर से अवमानना याचिका दायर की गई, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने डीसीएलआर, रांची को आदेश की अवहेलना का दोषी पाया। अदालत ने निर्देश दिया कि डीसीएलआर एक सप्ताह के भीतर 25 हजार रुपए का डिमांड ड्राफ्ट याचिकाकर्ता के नाम से कोर्ट में जमा करें। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि तय समयसीमा के भीतर आदेश का अनुपालन नहीं हुआ, तो 7 जनवरी को डीसीएलआर, रांची को व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में उपस्थित होना होगा।
Jharkhand News/H Court: हाई कोर्ट सख्त: आदेश की अवहेलना पर डीसीएलआर रांची पर 25 हजार का जुर्माना

