Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने हरिश कुमार पाठक की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने कहा कि आरोपी की यह तीसरी अग्रिम जमानत याचिका है, जिसे पहले भी दो बार खारिज किया जा चुका है और इस बार कोई नया आधार प्रस्तुत नहीं किया गया है। मामला नारायणपुर थाना कांड संख्या 154/2016 से संबंधित है, जिसमें आरोपी हरिश कुमार पाठक (58 वर्ष), पिता स्वर्गीय भोला पाठक, निवासी 190/2/3, रोड नंबर 9, आदित्यपुर-2, जिला पश्चिम सिंहभूम (झारखंड), के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराएं 354, 341, 342, 323, 325, 307, 504, 506, 34 और बाद में जोड़ी गई धारा 304 के तहत मामला दर्ज है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अजय कुमार साह ने दलील दी कि याचिकाकर्ता को विभागीय जांच में बरी कर दिया गया है और चिकित्सकीय रिपोर्ट के अनुसार मृत्यु बीमारी के कारण हुई, न कि किसी हमले से। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप मनगढ़ंत हैं और उसे झूठा फंसाया गया है। वहीं राज्य पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक पंकज कुमार ने कहा कि पुलिस और सीआईडी की जांच रिपोर्ट में आरोपी की संलिप्तता स्पष्ट रूप से सामने आई है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी की पहले की दो अग्रिम जमानत याचिकाएं क्रमशः 18 दिसंबर 2018 और 26 नवंबर 2019 को खारिज की जा चुकी हैं।
अदालत ने कहा कि जब समान तथ्यों पर याचिका पहले ही अस्वीकृत हो चुकी हो, तो दोबारा उसी आधार पर नई अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करना न्यायिक अनुशासन के विरुद्ध है। कोई नया तथ्य या परिस्थिति नहीं होने के कारण अदालत ने अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी।

