Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने गोस्सनर कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. नवीन कुमार को बड़ी राहत देते हुए अर्जित अवकाश (ईएल) की दोबारा गणना कर भुगतान करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने रांची विश्वविद्यालय और कॉलेज प्रबंधन के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि प्रोफेसर के खाते में कोई अर्जित अवकाश शेष नहीं है। डॉ. नवीन कुमार ने करीब 40 वर्षों तक कॉलेज में सेवा की और 30 नवंबर 2018 को सेवानिवृत्त हुए थे। कॉलेज ने उनके लंबे चिकित्सकीय उपचार के दौरान लिए गए अवकाश के आधार पर ईएल समाप्त होने का दावा किया था। सुनवाई के दौरान कॉलेज के दस्तावेजों में 140 दिन का चिकित्सा अवकाश स्वीकृत होने और 66 दिन की अनुपस्थिति का उल्लेख मिला। गणना में 119 दिन ईएल में से 66 दिन घटाकर 53 दिन देय बताया गया। अदालत ने इसे रिकॉर्ड में मौजूद अन्य दावों से विरोधाभासी पाया।
हाईकोर्ट ने कहा कि कॉलेज ने सेवा अवधि में कभी अनुपस्थिति को औपचारिक रूप से अनधिकृत घोषित नहीं किया और न ही विभागीय कार्रवाई की। वेतन का लगातार भुगतान भी हुआ। ऐसे में बाद में अनुपस्थिति को अनधिकृत बताकर अवकाश नकदीकरण से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि सेवानिवृत्ति से पहले के शिक्षकों को अधिकतम 180 दिन के ईएल भुगतान का प्रावधान है। विश्वविद्यालय को 10 सप्ताह में दोबारा गणना कर पूरी राशि देने का निर्देश दिया गया। देरी होने पर 7 प्रतिशत ब्याज देना होगा।

