Ranchi News: नामकुम अंचल में जमीन की खरीद-बिक्री, म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) में कथित अनियमितताओं और सरकारी राजस्व अभिलेखों (दस्तावेजों) के गायब होने के मामले में राज्य सरकार ने आखिरकार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को प्रारंभिक जांच (PE) की मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को राज्य सरकार की ओर से झारखंड हाईकोर्ट को इस संबंध में औपचारिक जानकारी दी गई। इसके बाद, जस्टिस राजेश शंकर की एकलपीठ ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए एसीबी को तुरंत पीई दर्ज करने और अगले चार सप्ताह के भीतर अपनी जांच की सीलबंद रिपोर्ट अदालत में पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 21 अगस्त 2026 को होगी।
क्या है पूरा मामला?
- याचिकाकर्ता की दलील: प्रार्थी थॉमस साइमन ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि नामकुम अंचल के डुंडु क्षेत्र की एक विवादित जमीन के म्यूटेशन में भारी गड़बड़ी की गई है।
- दस्तावेजों में हेराफेरी: मामले की जांच के लिए बार-बार मांग किए जाने के बावजूद, संबंधित विभाग द्वारा मूल राजस्व अभिलेख (ओरिजिनल रेवेन्यू रिकॉर्ड) उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे अधिकारियों की संलिप्तता का संदेह गहरा गया।
- कोर्ट की पूर्व तल्ख टिप्पणी: पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कैबिनेट सचिव को एक सप्ताह के भीतर जांच की अनुमति देने का कड़ा निर्देश दिया था। साथ ही, अंचल कार्यालय द्वारा दूसरे पक्ष के म्यूटेशन की प्रमाणित प्रति देने में लगातार की जा रही टालमटोल पर भी कोर्ट ने भारी नाराजगी व्यक्त की थी।

