Ranchi News: बोकारो से वर्ष 2020 में लापता हुई 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई है। शुक्रवार को जस्टिस Sujit Narayan Prasad और जस्टिस Sanjay Prasad की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए मौखिक टिप्पणी में कहा कि आखिर बच्चियों और युवतियों के गुमशुदगी मामलों में बोकारो पुलिस के हाथ खाली क्यों रह जाते हैं। अदालत ने कहा कि जिले के पूर्व और वर्तमान एसपी तथा डीएसपी ऐसे मामलों के खुलासे को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे हैं।
सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर भी चिंता जताई कि पुलिस स्वयं यह मान रही है कि मामला अपहरण से जुड़ा हो सकता है, बावजूद इसके जांच उस दिशा में आगे नहीं बढ़ाई गई। अदालत ने कहा कि यदि किसी नाबालिग लड़की के गायब होने के वर्षों बाद भी पुलिस किसी ठोस निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाती है, तो यह जांच एजेंसी की गंभीर विफलता को दर्शाता है। खंडपीठ ने मामले की जांच कर रही सीआईडी को तीन सप्ताह के भीतर जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट कहा कि यदि सीआईडी की जांच भी संतोषजनक नहीं पाई गई तो आगे राज्य एजेंसी और सीबीआई की संयुक्त जांच पर भी विचार किया जा सकता है। अदालत की सख्त टिप्पणी के बाद बोकारो पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

