high court news

HC News: थानों में सीसीटीवी न लगने पर हाईकोर्ट नाराज; डीजीपी को 27 जून तक विस्तृत जवाब देने का निर्देश

CourtNews Desk
By CourtNews Desk On 18 Jun, 2026
1 min read • 1.2k views
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
WhatsApp Image 2025 11 04 at 6.32.36 PM
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Ranchi News: झारखंड के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की धीमी प्रक्रिया पर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से तीखे सवाल किए। अदालत ने पूछा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के स्पष्ट व कड़े दिशा-निर्देशों के बावजूद इस संवेदनशील मामले को इतनी हल्के में क्यों लिया जा रहा है? खंडपीठ ने डीजीपी को आदेश दिया है कि वे 27 जून 2026 तक राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी लगाने की वर्तमान स्थिति पर एक विस्तृत जवाब प्रस्तुत करें। इस मामले की अगली सुनवाई अब 30 जुलाई को होगी।

अधिकारियों को अवमानना की चेतावनी और झालसा से जांच की बात:

सुनवाई के दौरान सरायकेला-खरसावां के एसपी द्वारा दाखिल किए गए जवाब पर कोर्ट ने गहरा असंतोष जताया। एसपी ने अपने जवाब में कहा था कि संबंधित थाने में सीसीटीवी लगाने के लिए अभी टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। अदालत ने इस पर कहा कि यह जवाब बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं है और इससे यह पता नहीं चलता कि अदालती आदेश का पालन कब तक पूरा होगा। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि आदेशों की अनदेखी जारी रही, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अवमानना (Contempt) की कार्रवाई शुरू की जाएगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर थानों में सीसीटीवी की वास्तविक स्थिति की जांच झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JHALSA) और संबंधित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DALSA) के माध्यम से कराई जा सकती है। इसके साथ ही मुख्य सचिव और गृह सचिव को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।

See also  Ranchi/ H Court: हजारीबाग में 450 एकड़ वन भूमि की अवैध बिक्री का मामला: हाईकोर्ट ने सरकार के जवाब पर जताई नाराजगी, जांच रिपोर्ट करें प्रस्तुत एक सितंबर को

‘फिट फॉर कस्टडी’ सर्टिफिकेट देने वाले मेडिकल ऑफिसर पर भी कसा शिकंजा:

हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को भी 29 जून तक शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने जानना चाहा है कि उस मेडिकल अधिकारी के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है, जिसने आरोपी तरुण महतो को अदालत में पेश करने से पहले ‘फिट फॉर कस्टडी’ (हिरासत के लिए स्वस्थ) होने का प्रमाण पत्र जारी किया था, जबकि उसके शरीर पर चोटें थीं।

क्या है तरुण महतो का मामला?

यह जनहित याचिका झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के पूर्व इचागढ़ प्रत्याशी तरुण महतो से जुड़ी है। आरोप है कि 19 नवंबर 2025 को इचागढ़ पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और थाने के भीतर बेरहमी से पीटते हुए थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया। घटना के बाद उनकी पत्नी ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई थी, जिस पर अदालत ने स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया था।

See also  Court News: मादक पदार्थ तस्करी: NCB कोर्ट ने 5 तस्करों को सुनाई 10-10 साल की सजा, 1-1 लाख रुपये का जुर्माना
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
CourtNews Desk

CourtNews Desk

Bringing you the latest news and in-depth analysis from around the world.

Leave a Comment