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HC News: पांकी में महफूज अहमद की कथित कस्टोडियल डेथ मामले में हाईकोर्ट का बड़ा आदेश; दो जिलों के जिला जजों को न्यायिक जांच का जिम्मा

CourtNews Desk
By CourtNews Desk On 18 Jun, 2026
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HC News: पांकी में महफूज अहमद की कथित कस्टोडियल डेथ मामले में हाईकोर्ट का बड़ा आदेश; दो जिलों के जिला जजों को न्यायिक जांच का जिम्मा
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Ranchi News: पलामू जिले के पांकी थाने में पुलिस हिरासत के दौरान एक युवक महफूज अहमद की कथित मौत और मेडिकल जांच में शरीर पर चोटें होने के बावजूद उसे ‘फिट फॉर कस्टडी’ बताए जाने के गंभीर मामले को झारखंड हाईकोर्ट ने अत्यंत संवेदनशीलता से लिया है। अदालत ने इस पूरे प्रकरण में पुलिस और प्रशासन द्वारा घोर लापरवाही बरतने और बाद में साक्ष्यों व तथ्यों की लीपापोती (कवर-अप) करने की आशंका जताई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की खंडपीठ ने लातेहार और पलामू के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों (Principal District & Sessions Judges) को सीधे तौर पर एक मजिस्ट्रेट की निगरानी में विस्तृत न्यायिक जांच (Judicial Inquiry) कराने का आदेश दिया है।

अवमानना याचिका पर हुआ आदेश:

यह आदेश शाईदा खातून और अन्य की ओर से दायर एक अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि महफूज अहमद के साथ पुलिस हिरासत में बेहद अमानवीय और क्रूर व्यवहार किया गया और जब उसकी मौत हो गई, तो पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

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क्या है पूरा घटनाक्रम?

  • हिरासत और मारपीट: प्रार्थी के अनुसार, 1 मार्च 2025 को पुलिस ने महफूज अहमद को नवाबाजार क्षेत्र से हिरासत में लिया था। आरोप है कि हिरासत में रखने के दौरान उसके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई।
  • प्राथमिकी और रिमांड: बाद में उसके खिलाफ पांकी थाना में कांड संख्या 25/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई और उसे पलामू के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने उसे रिमांड पर लिया। रिमांड अवधि के दौरान ही उसकी मृत्यु हो गई।
  • संदेहास्पद मेडिकल सर्टिफिकेट: सुनवाई के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि पुलिस ने कोर्ट में अस्पताल का जो मेडिकल सर्टिफिकेट पेश किया था, उसमें युवक के शरीर पर चोट के साफ निशान दर्ज थे, लेकिन इसके बावजूद नीचे उसे ‘फिट फॉर कस्टडी’ घोषित किया गया था। हाईकोर्ट ने इस विरोधाभास पर गंभीर आपत्ति जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
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