Ranchi News: करीब 23 साल पुराने सड़क हादसे में घायल केदार नाथ अंबष्ठ को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक की अदालत ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी), रांची के 3 मई 2014 के फैसले में संशोधन करते हुए मुआवजा 1,32,724 रुपये से बढ़ाकर 1,82,724 रुपये कर दिया। साथ ही बीमा कंपनी को दावा दायर करने की तारीख से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ राशि छह सप्ताह के भीतर जमा करने का निर्देश दिया। मामला 5 जनवरी 2003 की दुर्घटना से जुड़ा है।
केदार नाथ अंबष्ठ अपने बेटे की स्कूटर से हटिया जा रहे थे। रास्ते में अचानक एक कुत्ता और एक बुजुर्ग सड़क पर आ गए। उन्हें बचाने के प्रयास में स्कूटर फिसल गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और करीब दो महीने अस्पताल में भर्ती रहे। बीमा कंपनी ने दावा किया था कि दुर्घटना चालक की लापरवाही से हुई, इसलिए मुआवजा नहीं दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने यह दलील खारिज करते हुए कहा कि रिकॉर्ड में चालक की लापरवाही का कोई साक्ष्य नहीं है। अदालत ने परिचर (अटेंडेंट) खर्च, दर्द एवं कष्ट तथा जीवन की सुविधाओं के नुकसान के मद में अतिरिक्त राशि जोड़ते हुए मुआवजा बढ़ा दिया।

