Ranchi News: झारखंड के बहुचर्चित नेशनल शूटर तारा शाहदेव मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे मुख्य आरोपी रकीबुल हसन उर्फ रंजीत कोहली को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी निराशा हाथ लगी है। सोमवार को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उसकी जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया। जस्टिस आनंद सेन और जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रकीबुल को कोई भी राहत देने से साफ इनकार कर दिया।
बचाव पक्ष की दलील और कोर्ट का रुख
सुनवाई के दौरान रकीबुल की ओर से अधिवक्ता मुख्तार अंसारी ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि उनका मुवक्किल पिछले करीब आठ साल से जेल में बंद है, इसलिए लंबी अवधि को देखते हुए उसे जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए। हालांकि, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी।
मामले की पृष्ठभूमि और अन्य दोषियों की स्थिति
सीबीआई कोर्ट का फैसला: पूर्व में सीबीआई की विशेष अदालत ने तारा शाहदेव उत्पीड़न मामले में रकीबुल हसन उर्फ रंजीत कोहली को मुख्य दोषी पाते हुए उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई थी।
- अन्य दोषी: इसी मामले में दो अन्य सह-दोषियों को भी सजा मिली थी, जिसमें मुख्तार अंसारी को 15 वर्ष और कौशल रानी को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई थी।
- वर्तमान स्थिति: मामले के अन्य दोनों दोषियों (मुख्तार अंसारी और कौशल रानी) को झारखंड हाईकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है, लेकिन मुख्य आरोपी रकीबुल हसन को अदालत से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है और उसे जेल में ही रहना होगा।

