Ranchi News: झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण वैवाहिक विवाद मामले में फैमिली कोर्ट के तलाक संबंधी फैसले को बरकरार रखते हुए पत्नी को 40 लाख रुपये एकमुश्त स्थायी भरण-पोषण देने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि यह राशि 12 माह के भीतर चार समान किश्तों में अदा की जाए, जिसमें पहली किश्त एक माह के भीतर देनी होगी।
अदालत ने माना कि पति-पत्नी वर्ष 1990 से अलग रह रहे हैं और 35 वर्षों से उनके वैवाहिक संबंध व्यवहारिक रूप से समाप्त हो चुके हैं। कोर्ट ने कहा कि झूठे आपराधिक मुकदमे दर्ज करना, लंबे समय तक अलग रहना और वैवाहिक संबंध बहाल करने से इनकार करना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। मामले में फैमिली कोर्ट, जामताड़ा ने पहले ही क्रूरता और परित्याग के आधार पर तलाक की डिक्री पारित की थी। पत्नी ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने तलाक को बरकरार रखा।

