Ranchi News: रांची। डीआईजी ग्राउंड स्थित कैलाश कोठी के ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने की मांग को लेकर दायर याचिका को झारखंड हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने याचिका में कोई दम नहीं पाते हुए मंगलवार को यह फैसला सुनाया। इससे कैलाश कोठी को ध्वस्त करने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। मामले में याचिकाकर्ता खुशबू सिंह ने दावा किया था कि कैलाश कोठी जिस जमीन पर बनी है, उसका अधिग्रहण रिम्स द्वारा नहीं किया गया है। उन्होंने इसे अवैध अतिक्रमण बताकर हटाने के लिए नोटिस चिपकाने को गलत ठहराते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज भी कोर्ट में प्रस्तुत किए गए।
पूर्व की सुनवाई में हाईकोर्ट ने रांची के उपायुक्त को निर्देश दिया था कि वे प्लॉट नंबर 1694, मौजा मोरहाबादी स्थित 33 डिसमिल जमीन से संबंधित गजट नोटिफिकेशन पेश करें। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया था कि उक्त जमीन का अधिग्रहण हुआ है या नहीं और यदि हुआ है तो मुआवजे का भुगतान किया गया है या नहीं। डीसी से याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों की सत्यता की भी जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया था। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने पूर्व में फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को सुनाए गए आदेश में अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने यह भी माना कि रिम्स से संबंधित एक जनहित याचिका में पहले ही रिम्स परिसर और उसके आसपास के अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया जा चुका है। उसी आदेश के आलोक में जिला प्रशासन रिम्स क्षेत्र के आसपास अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई कर रहा है। याचिका खारिज होने के बाद अब जिला प्रशासन की ओर से कैलाश कोठी के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जल्द आगे बढ़ने की संभावना है।

